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Wednesday, January 29, 2020

सरसी छंद / कबीर / समुंदर छंद *◆संजय कौशिक 'विज्ञात'◆*



सरसी छंद / कबीर / समुंदर छंद 
*◆संजय कौशिक 'विज्ञात'◆*

शिल्प एक चरण चौपाई + एक सम चरण दोहा 16+ 11= 27 मात्राओं का सम मात्रिक छंद है 16,11 पर यति का स्थान रहता है। इस प्रकार से इस छंद में दो- दो पंक्ति तुकांत समतुकांत रहते हैं 16 वाले हिस्से को चौपाई की तरह निभाया जाता है जबकि 11 वाले हिस्से का अंत दोहा की तरह गुरु लघु होता है 
27 मात्रा 16/11 अंत गाल गुरु लघु {21} 
4 चरण क्रमागत प्रति 2 चरण समतुकांत 

कर वीणा झंकार ..........

हंसवाहिनी मधुर करो यूँ, वीणा की झंकार।
वेदमयी सुर धार प्रकट हो, होकर हंस सवार॥

वीणा की झंकार हुई जब, प्रथम बजी थी तान।
वीणापाणि कृपा अक्षर पर, बनता छंद विधान॥

लय स्वर से जब होता गायन, ले चहुँ दिश आनंद।
निर्बाधित प्रवाह यति गति का, बने गायकी छंद॥

अदभुत शुद्ध शब्द उच्चारित, करे दया से मूक।
गूढ़ विधा लिखते सब अनपढ़, नहीं बने फिर चूक॥

बने वेद पाठी सब बालक, गूंजे नभ में छंद।
कण्ठ कण्ठ में असर तुम्हारा, कटें जगत के फंद॥

निर्मल स्वच्छ आचरण हो जब, करती मन में वास।
दिव्य ज्योति फिर प्रकट करे माँ, फैले तेज उजास॥

आह्वान करे तेरे साधक, सुनती सबकी टेर।
डिगे नहीं दिल उनका माता, करे न पल की देर॥

शरणागत है कौशिक द्वारे, लो माँ सेवक मान।
 मांग रहा झोली फैला कर, दे दो विद्या दान॥ 

संजय कौशिक 'विज्ञात'

42 comments:

  1. वाह!! अद्भुत सृजन। छंदों के खजाने से एक और छंद। अद्वितीय है आपकी लेखनी 👌

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  2. बहुत सुन्दर सर जी

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  3. जय माँ शारदे।

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  4. सरसी छंद के विषय में बहुत ही ज्ञानवर्धक जानकारी और माँ शारदा की स्तुति करती लाजवाब रचना 👌👌👌 माँ शारदा की कृपा सदैव आप पर बनी रहे और आपके माध्यम से हम सबका मार्गदर्शन करती रहे यही कामना ...आभार और नमन आदरणीय 🙏🙏🙏

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  5. अति उत्तम आदरणीय 🙏🌷 सरसी छंद की अनमोल जानकारी के साथ माँ सरस्वती की महिमा का वर्णन करती रचना कवि हृदय के उद्गार अभिव्यक्त कर रही हूँ।सबके कल्याण के कामना भाव से भरी उत्कृष्ट रचना ,सुंदर शिल्प
    शब्द चयन श्रेष्ठ,नमन आपकी लेखनी को।🙏🌷

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    1. आत्मीय आभार अभिलाषा जी
      सुंदर प्रोत्साहना, पुनः आभार

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  6. माँ शारदे को समर्पित एक भाव भरी अद्भुत वंदना👌👌👌👌👏👏👏👏👏

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  7. सुन्दर भाव माता शारदा के भजन

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  8. बहुत ही सुन्दर शिक्षाप्रद एवं संग्रहणीय।

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  9. सरस्वती माता की बहुत सुंदर प्रार्थना आ.सर जी🙏🏻🙏🏻

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  10. बहुत सुंदर आपकी सरस्वती वंदना आदरणीय

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  11. बहुत सुंदर आदरणीय

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  12. साक्षात माँ सरस्वती की कृपा आप पर है कोई संदेह नहीं
    नमन

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  13. कोई टिप्पणी करने की क्षमता हम तो नहीं रखते, हमें पढ़ने को मिल रही हैं ऐसी रचनाएँ हमारा भाग्रयृ है

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  14. भगवती भारती की अप्रतिम प्रतिमा को प्रत्यक्ष कराने जैसी "वाणी वन्दना" प्रशंसनीय है।
    छन्द साधक विज्ञात जी! अशेष बधाई।

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    1. आत्मीय आभार प्रधान जी
      सुंदर प्रोत्साहना, पुनः आभार

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  15. जिस पर माँ शारदे की कृपा हो ,वह यूँ शब्दों को सँजो सकता है। सुंदर सृजन

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  16. जिस पर माँ शारदे की कृपा हो ,वह यूँ शब्दों को सँजो सकता है। सुंदर सृजन

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  17. बहुत ही सुन्दर सरस्वती वंदना 🙏🙏

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  18. बहुत खूब अति सुंदर जानकारी के साथ उत्तम रचना आदरणीय ....👌👌💐

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    1. आत्मीय आभार प्रजापति कैलाश सुमा जी

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