विज्ञात की कलम

छंदबद्ध लेखन एक कवि के लिए उतना ही आवश्यक है जितना दो तटों के मध्य बहती हुई सरिता के लिए उन दो तटों का होना होता है। मेरा मानना है कि कवि की कल्पना/यथार्थ की कविता जब निश्चित छंद में बंध कर उत्तम गेयता प्राप्त करके पाठक /श्रोता तक पहुँचती है तो वह अपने अलग ही चुम्बकीय आकर्षण से और भी अधिक असर कारक होती है... इस ब्लॉग की सभी रचनाएं स्वरचित एवं मौलिक हैं। © विज्ञात की कलम

Friday, December 23, 2022

गीत : युग वंदन श्री राम को : संजय कौशिक 'विज्ञात'

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गीत युग वंदन श्री राम को संजय कौशिक 'विज्ञात' मापनी - 16/13 कष्ट निकंदन खलदल गंजन  रघु नंदन श्री राम को। कोटि कोटि यूँ न...
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Tuesday, December 13, 2022

आदियोगी : संजय कौशिक 'विज्ञात' : मापनी ~21/21

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आदियोगी संजय कौशिक 'विज्ञात' मापनी ~21/21 सौर मण्डल में चमकते सूर्य अगणित उष्ण ऊर्जा दह रहे हैं आदि योगी। चन्द्र सा शीतल...
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Thursday, December 8, 2022

नवगीत ; विरहन ; संजय कौशिक 'विज्ञात'

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नवगीत विरहन संजय कौशिक 'विज्ञात' मुखडा - 14/9 अन्तरा - 14/14 यामिनी को मौन कुछ यूँ  कर गई विरहन। एक बाती सी बुझी जब ...
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Friday, November 25, 2022

मेंहदी-महावर संजय कौशिक 'विज्ञात'

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कविता / गीत मेंहदी-महावर संजय कौशिक 'विज्ञात' मापनी ~ 16/16 मेंहदी रचाती जब सजनी देख महावर करे प्रतीक्षा राग विराग हृदय ...
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Sunday, September 18, 2022

गीत : हिन्दी को सम्मान मिला : संजय कौशिक 'विज्ञात'

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गीत  हिन्दी को सम्मान मिला संजय कौशिक 'विज्ञात' देवनागरी की स्तुति करके हिन्दी को वरदान मिला संस्कृत का कुल उत्तम वर्णित...
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Sunday, August 28, 2022

नवधा भक्ति के प्रकार, रूप, एवं उदाहरण : संजय कौशिक 'विज्ञात'

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नवधा भक्ति के प्रकार, रूप, एवं उदाहरण गत कई दिनों से पूछा जा रहा था नवधा भक्ति का क्या अर्थ है इसके रूप कैसे हैं और इनको करने वा...
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Wednesday, August 24, 2022

रुद्राक्ष के प्रकार, लाभ, सावधानी एवं मंत्र : संजय कौशिक 'विज्ञात'

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* रुद्राक्ष के प्रकार, लाभ, सावधानी और मंत्र * एक मुखी रुद्राक्ष के, देव रुद्र भगवान। सिंह राशि ग्रह सूर्य से, मिले दिव्य वरदान।...
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